दिल्ली पार्किंग पेमेंट सिस्टम:- दिल्लीवासियों के लिए राहत की खबर — अब राजधानी की पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल हो रही है। नगर निगम (MCD) ने नया सिस्टम शुरू किया है, जिसमें QR कोड और ‘MCD की पट्टी’ ऐप के जरिए पार्किंग का भुगतान किया जाएगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस डिजिटल मॉडल से अब मनमाना शुल्क या नकद लेनदेन की जरूरत नहीं पड़ेगी। पूरा पेमेंट मोबाइल ऐप से पारदर्शी तरीके से होगा। यह पहल न केवल पार्किंग में पारदर्शिता लाएगी, बल्कि अव्यवस्था और अतिरिक्त वसूली जैसी शिकायतों को भी खत्म करेगी। अब दिल्ली में पार्किंग करना होगा आसान — बस QR कोड स्कैन करें और पेमेंट करें, वो भी बिना किसी झंझट के।
दिल्ली पार्किंग पेमेंट सिस्टम कैसे काम करेगा नया QR कोड पार्किंग सिस्टम?
दिल्ली में अब पार्किंग का पूरा सिस्टम डिजिटल हो रहा है। नई व्यवस्था के तहत गाड़ियों की एंट्री और एग्जिट दोनों प्रक्रिया QR कोड स्कैनिंग से पूरी होगी। जब कोई वाहन चालक पार्किंग में पहुंचेगा, तो वहां लगे QR कोड को अपने मोबाइल से स्कैन करना होगा। इसके बाद ऐप में गाड़ी का नंबर डालकर एंट्री कन्फर्म करनी होगी।
पार्किंग से निकलते समय दोबारा QR कोड स्कैन करने पर सिस्टम अपने आप पार्किंग शुल्क की गणना कर देगा। भुगतान के लिए यूज़र को दो विकल्प मिलेंगे — ऑनलाइन (UPI या वॉलेट) और ऑफलाइन (कैश काउंटर)। इस नई QR आधारित पार्किंग व्यवस्था का पायलट प्रोजेक्ट रामलीला मैदान से शुरू किया गया है। अगले 15 दिनों तक इसका ट्रायल चलेगा और सफलता के बाद इसे दिल्ली की सभी MCD पार्किंग्स में लागू किया जाएगा।
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MCD का लक्ष्य: मनमाना शुल्क वसूली पर रोक
एमसीडी का नया डिजिटल पार्किंग पेमेंट सिस्टम अब मनमानी वसूली पर लगाम लगाने का बड़ा कदम माना जा रहा है। निगम अधिकारियों के अनुसार, कई पार्किंग ठेकेदार तय दर से ज्यादा शुल्क वसूल रहे थे — जहाँ 20 रुपये की रसीद होनी चाहिए थी, वहाँ 40 से 50 रुपये तक लिए जा रहे थे।
अब यह पूरा सिस्टम MCD की पट्टी ऐप और QR कोड स्कैनिंग के जरिए पारदर्शी तरीके से चलेगा। हर भुगतान का रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज होगा, जिससे किसी तरह की हेराफेरी या अतिरिक्त वसूली संभव नहीं रहेगी। एमसीडी ने साफ कहा है कि जो ठेकेदार QR कोड लगाने से इनकार या उसमें छेड़छाड़ करेगा, उसका कॉन्ट्रैक्ट तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। यह कदम नागरिकों को ईमानदार और डिजिटल पार्किंग सेवा देने की दिशा में एक मजबूत पहल है।
ऐप कैसे डाउनलोड करें?
दिल्ली में पार्किंग पेमेंट को आसान बनाने के लिए एमसीडी ने अपना नया मोबाइल ऐप ‘MCD की पट्टी (MCD Ki Patti)’ लॉन्च किया है। यह ऐप सीधे Google Play Store पर उपलब्ध है, जहाँ से नागरिक इसे आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। डाउनलोड करने के बाद, पार्किंग स्थल पर लगे QR कोड को मोबाइल कैमरे या ऐप से स्कैन करें। अब स्क्रीन पर अपनी गाड़ी का नंबर दर्ज करें और एंट्री कन्फर्म करें।
जब आप पार्किंग से बाहर निकलें, तो बस दोबारा QR कोड स्कैन करें — ऐप अपने आप शुल्क की गणना कर देगा, जिसे आप ऑनलाइन (UPI, वॉलेट) या ऑफलाइन तरीके से चुका सकते हैं। एमसीडी के अनुसार, यह डिजिटल पार्किंग सिस्टम फिलहाल कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में ट्रायल पर चल रहा है, और जल्द ही इसे दिल्ली की सभी 400 से अधिक सरफेस पार्किंग जगहों पर लागू किया जाएगा।
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दिल्ली में तय पार्किंग शुल्क दरें (MCD नियम)
कार (Car):
- 1 से 4 घंटे तक: ₹20 प्रति घंटा
- 5 से 24 घंटे तक: ₹100
- मासिक पास (दिन व रात): ₹2000
- केवल दिन का मासिक पास: ₹1000
मोटरसाइकिल (Bike):
- 1 से 4 घंटे तक: ₹10 प्रति घंटा
- 5 से 24 घंटे तक: ₹50
- मासिक पास (दिन व रात): ₹1000
- केवल दिन का मासिक पास: ₹600
एमसीडी ने स्पष्ट किया है कि कोई भी ठेकेदार इन दरों से अधिक शुल्क नहीं ले सकेगा।
कार्रवाई और सख्ती
हाल ही में दिल्ली के कुछ पार्किंग क्षेत्रों में तय शुल्क से अधिक वसूली करने पर एमसीडी ने ठेकेदारों पर करीब ₹24 लाख का जुर्माना लगाया। यह कार्रवाई विशेष रूप से चांदनी चौक, लाजपत नगर और अन्य इलाकों में हुई थी।
अब जब नई QR कोड आधारित पार्किंग प्रणाली लागू हो जाएगी, तो ऐसे मामलों में स्वतः कमी आने की उम्मीद है। यदि किसी स्थान पर फिर भी अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है, तो नागरिक सीधे MCD App के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इस पहल से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल पार्किंग अनुभव भी मिलेगा।
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इस बदलाव के प्रमुख लाभ
- मनमाना शुल्क खत्म – अब सभी पार्किंग भुगतान डिजिटल रिकॉर्ड में सुरक्षित रहेंगे।
- कैशलेस सुविधा – UPI या MCD ऐप के माध्यम से तुरंत और आसान पेमेंट।
- पारदर्शिता बढ़ेगी – हर टिकट और हर शुल्क का हिसाब एमसीडी के पास रहेगा।
- नागरिकों की सुविधा – किसी ठेकेदार से झगड़ा नहीं, पूरी प्रक्रिया मोबाइल से सरल और सुरक्षित।
- ठेकेदारों पर निगरानी – QR कोड न लगाने या छेड़छाड़ करने पर ठेका तुरंत रद्द।
- इस नई QR आधारित डिजिटल पार्किंग प्रणाली से दिल्ली में पार्किंग अनुभव अब सुरक्षित, पारदर्शी और परेशानी-मुक्त होगा।
आने वाले समय में क्या होगा?
15 दिन के पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद, एमसीडी इस नई QR आधारित पार्किंग प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से पूरे दिल्ली में लागू करेगी। हर क्षेत्र में अलग-अलग QR कोड लगाए जाएंगे, ताकि नागरिक आसानी से और डिजिटल तरीके से पार्किंग शुल्क का भुगतान कर सकें।
एमसीडी ने यह भी कहा है कि नागरिकों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर ऐप और सिस्टम में लगातार सुधार किए जाएंगे। इसका उद्देश्य इसे और यूज़र-फ्रेंडली, तेज़ और सुविधाजनक बनाना है, ताकि हर पार्किंग अनुभव अब परेशानी मुक्त और पारदर्शी हो।
निष्कर्ष
दिल्ली में एमसीडी द्वारा शुरू की गई डिजिटल पार्किंग पहल राजधानी में ट्रैफिक और शुल्क व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब वाहन चालकों को मनमाना शुल्क देने की परेशानी नहीं होगी, क्योंकि हर लेनदेन QR कोड स्कैन और ‘MCD की पट्टी’ ऐप के माध्यम से रिकॉर्ड किया जाएगा।
यह कैशलेस सिस्टम केवल भुगतान को आसान नहीं बनाएगा, बल्कि भ्रष्टाचार, ओवरचार्जिंग और नकद लेनदेन जैसी समस्याओं पर भी लगाम लगाएगा। जब यह सुविधा धीरे-धीरे पूरे दिल्ली में लागू होगी, तो नागरिकों को सुरक्षित, पारदर्शी और आधुनिक पार्किंग अनुभव मिलेगा। अब राजधानी में पार्किंग करना होगा पूरी तरह आसान — बस QR कोड स्कैन करें, ऐप से पेमेंट करें और निश्चिंत होकर आगे बढ़ें।
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