दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 जारी: हवा लगातार खराब होती जा रही है, इसी बीच सोशल मीडिया से लेकर कुछ न्यूज़ पोर्टल तक यह दावा करने लगे कि राजधानी में GRAP-4 लागू कर दिया गया है। इस बढ़ती अफवाह पर रोक लगाते हुए CAQM (वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग) ने स्थिति साफ कर दी है। आयोग ने स्पष्ट कहा है कि GRAP-4 लागू होने की खबरें पूरी तरह गलत हैं, फिलहाल पूरे एनसीआर में सिर्फ GRAP-3 ही प्रभावी है।
CAQM ने जनता और मीडिया से अपील करते हुए कहा है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक अपडेट को ही मानें, क्योंकि गलत खबरें बेवजह डर और भ्रम पैदा करती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 कब लागू हुआ था?
दिल्ली में वायु गुणवत्ता 11 नवंबर को अचानक बेहद खराब हो गई थी, जब AQI गंभीर श्रेणी पार करते हुए 400 के ऊपर पहुँच गया। इसी स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार और CAQM ने तुरंत GRAP-3 को सक्रिय करने का आदेश दिया। GRAP-3 लागू होते ही कई सख्त नियम अपने आप प्रभावी हो जाते हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य धूल, धुएँ और औद्योगिक प्रदूषण को तेजी से नियंत्रित करना होता है।
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दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 के तहत फिलहाल कौन-कौन सी पाबंदियाँ लागू हैं?
1. दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 जारी होने से निर्माण गतिविधियों पर रोक
- गैर-जरूरी निर्माण कार्य पूरी तरह बंद
- स्टोन क्रशर और खनन कार्य पर पूर्ण रोक
- धूल फैलाने वाले मशीनरी बेस्ड काम पर पाबंदी
2. दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 जारी पड़ा स्कूलों पर प्रभाव
- कक्षा 5वीं तक का शिक्षण जरूरत पड़ने पर हाइब्रिड या ऑनलाइन मोड में चलाया जाता है
3. दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 जारी होने से वाहन संबंधी प्रतिबंध
- BS-III पेट्रोल कारों पर रोक
- BS-IV डीजल वाहनों की आवाजाही बंद
- आवश्यक सेवाओं और दिव्यांग व्यक्तियों को छूट
4. दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 जारी होने से औद्योगिक गतिविधियाँ
- ऐसे उद्योग जो स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल नहीं करते, उन्हें अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है
- ईंट भट्ठों और कुछ फैक्ट्रियों पर भी सख्त प्रावधान लागू
दिल्ली-एनसीआर में GRAP के चार चरण और उनकी सीमा
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता के आधार पर GRAP चार चरणों में लागू होता है:
| GRAP चरण | AQI रेंज | स्थिति |
| GRAP-1 | 201–300 | खराब हवा |
| GRAP-2 | 301–400 | बहुत खराब हवा |
| GRAP-3 | 401–450 | गंभीर प्रदूषण (वर्तमान में लागू) |
| GRAP-4 | 450+ | गंभीर+ स्थिति (इस समय लागू नहीं) |
GRAP-4 लागू होते ही कई गतिविधियाँ पूरी तरह बंद हो जाती हैं, इसलिए इसके बारे में गलत सूचना फैलना लोगों के लिए भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 जारी करने से क्या GRAP प्रदूषण पर प्रभाव पड़ता है?
दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 जारी करने से दिल्ली में हर साल सर्दियों में हवा ठंडी और धीमी होने के कारण प्रदूषण बढ़ता है। इस दौरान GRAP एक महत्वपूर्ण इमरजेंसी प्लान की तरह काम करता है, जो रोजमर्रा की जिंदगी में अस्थायी बदलाव लाकर प्रदूषण के स्तर को नीचे लाने की कोशिश करता है। हालांकि इसके असर पर लोगों की राय अलग-अलग है, लेकिन विशेषज्ञ इसे प्रदूषण नियंत्रण का तुरंत लागू होने वाला प्रभावी सिस्टम बताते हैं।
दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3: लोगों से CAQM की अपील
- अफवाहों से बचें
- केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें
- प्रदूषण कम करने में प्रशासन का सहयोग दें
- सड़कों पर धूल उड़ाने वाली गतिविधियों से बचें
- निजी वाहन कम से कम चलाएं
निष्कर्ष
दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 जारी करने से वायु गुणवत्ता भले ही चिंताजनक बनी हुई है, लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि GRAP-4 लागू नहीं किया गया है। अभी पूरे क्षेत्र में केवल GRAP-3 के तहत लगाई गई पाबंदियां ही प्रभाव में हैं, और आगे किसी अतिरिक्त प्रतिबंध का निर्णय एयर क्वालिटी के स्तर को देखते हुए ही लिया जाएगा। एनसीआर के लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अफवाहों से दूर रहें, आधिकारिक दिशानिर्देशों का पालन करें और सही जानकारी सिर्फ CAQM के आधिकारिक नोटिस या वेबसाइट से प्राप्त करें। सही सूचना ही सुरक्षित रहने और अनावश्यक घबराहट से बचने में मदद करती है।
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