भारत में शुरू हुआ नया Caller ID सिस्टम: अब ट्रू कॉलर की जरूरत नहीं, फोन खुद बताएगा असली कॉलर का नाम

नया Caller ID सिस्टम

भारत में शुरू हुआ नया Caller ID सिस्टम:- अब नहीं पड़ेगी Truecaller की जरूरत भारत सरकार ने अब स्पैम और स्कैम कॉल्स पर रोक लगाने के लिए नया Caller ID सिस्टम शुरू किया है। इस तकनीक के तहत यूज़र को कॉल आने पर कॉल करने वाले व्यक्ति का असली नाम सीधे मोबाइल स्क्रीन पर दिखेगा, भले ही नंबर सेव न हो। Calling Name Presentation (CNAP) नामक यह फीचर फिलहाल कुछ राज्यों में ट्रायल के रूप में चल रहा है और जल्द ही इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। यह कदम स्पैम, स्कैम और फर्जी कॉल्स पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

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हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में नए Caller ID सिस्टम का ट्रायल शुरू

भारत में अब नया Caller ID सिस्टम तेजी से आगे बढ़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, दूरसंचार विभाग (DoT) ने सभी प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों को Calling Name Presentation (CNAP) फीचर का ट्रायल शुरू करने का निर्देश दिया है। इसी के तहत रिलायंस जियो (Jio), वोडाफोन आइडिया (Vi) और बीएसएनएल (BSNL) ने हरियाणा सर्किल में इस नई सेवा की टेस्टिंग शुरू की है, जबकि भारती एयरटेल (Airtel) ने इसका ट्रायल हिमाचल प्रदेश में शुरू किया है।

इस फीचर का उद्देश्य फर्जी नाम और पहचान से कॉल करने वाले कॉलरों की असली पहचान सामने लाना है। ट्रायल के सफल रहने पर सरकार आने वाले महीनों में इस नए Caller ID सिस्टम को पूरे देश में लागू करने की तैयारी में है, जिससे स्पैम और स्कैम कॉल्स पर प्रभावी नियंत्रण हो सकेगा।

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बिना नंबर सेव किए भी दिखेगा नाम – नए Caller ID सिस्टम की खासियत

नए Caller ID सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब आपको किसी नंबर को सेव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर कोई अनजान व्यक्ति आपको कॉल करता है, तो कॉल रिसीव करते समय आपके फोन की स्क्रीन पर उसी नाम से पहचान दिखाई देगी, जिसके नाम पर वह मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड है।

यह सुविधा Calling Name Presentation (CNAP) तकनीक के जरिए काम करेगी। यानी, सिम कार्ड खरीदते समय दी गई KYC जानकारी के आधार पर ही कॉलर की असली पहचान सामने आएगी। इस कदम से न केवल फर्जी नामों से कॉल कर ठगी करने वालों पर लगाम लगेगी, बल्कि यूजर्स को स्पैम और स्कैम कॉल्स से भी काफी राहत मिलेगी।

CNAP की मुख्य बातें

विशेषताCNAP (नया सरकारी सिस्टम)Truecaller (थर्ड-पार्टी ऐप)
नाम का आधारKYC (Know Your Customer) डेटा – सिम खरीदते समय दिए गए आधिकारिक दस्तावेज़ (जैसे आधार कार्ड) में दर्ज नाम।क्राउडसोर्स्ड डेटा – यूज़र्स द्वारा मैन्युअल रूप से दर्ज किए गए नाम या ऐप के डेटाबेस में सेव नाम।
विश्वसनीयताअत्यधिक भरोसेमंद (नाम की सटीकता सरकारी दस्तावेजों पर आधारित)।कम भरोसेमंद (नाम गलत या मनगढ़ंत हो सकता है)।
डेटा सुरक्षाडेटा सरकारी या टेलीकॉम कंपनियों के पास सुरक्षित रहेगा।डेटा एक निजी कंपनी के सर्वर पर रहता है।
ज़रूरतकोई थर्ड-पार्टी ऐप इंस्टॉल करने की ज़रूरत नहीं।ऐप इंस्टॉल करना और इंटरनेट कनेक्शन अनिवार्य।

DoT ने जारी किए निर्देश – नया Caller ID सिस्टम बनेगा डिफॉल्ट पहचान फीचर

दूरसंचार विभाग (DoT) ने सभी प्रमुख मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटरों को निर्देश दिया है कि नया Caller ID सिस्टम लागू करने से पहले उसका प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC) यानी ट्रायल ज़रूर किया जाए। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि Calling Name Presentation (CNAP) फीचर सही तरीके से काम करे और तकनीकी खामियां दूर की जा सकें।

CNAP सेवा के लागू होने के बाद यह फीचर हर मोबाइल फोन में डिफॉल्ट Caller ID के रूप में सक्रिय रहेगा। यानी जब भी कोई कॉल करेगा, रिसीवर के मोबाइल पर कॉलर का असली नाम स्वतः दिखाई देगा। इस कदम से न केवल यूजर्स की सुरक्षा और प्राइवेसी मजबूत होगी, बल्कि फर्जी कॉल और धोखाधड़ी जैसे मामलों में जांच एजेंसियों को भी बड़ी मदद मिलेगी।

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जल्द पूरे देश में लागू होगा नया Caller ID सिस्टम

नया Caller ID सिस्टम यानी Calling Name Presentation (CNAP) अब जल्द ही पूरे भारत में लागू होने वाला है। टेलीकॉम सेक्टर से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार का लक्ष्य है कि इस सुविधा को मार्च या अप्रैल 2025 तक सभी मोबाइल नेटवर्क पर शुरू किया जाए।

हालांकि, फिलहाल यह सेवा लैंडलाइन और 2G नेटवर्क वाले यूज़र्स के लिए उपलब्ध नहीं होगी। दूरसंचार विभाग (DoT) इन सेवाओं को भी भविष्य के चरण में शामिल करने की दिशा में काम कर रहा है। विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि, “लैंडलाइन नंबरों का डेटा इंटीग्रेशन पूरा होने के बाद उन्हें भी इस सिस्टम का हिस्सा बनाया जाएगा।” इस पहल से देशभर में कॉलिंग प्रक्रिया और भी पारदर्शी बनेगी और यूज़र्स को अनजान कॉलर्स से सुरक्षा मिलेगी।

क्यों जरूरी है नया Caller ID सिस्टम (CNAP सेवा)

भारत में पिछले कुछ वर्षों में स्पैम कॉल, ठगी, और स्कैम कॉलिंग के मामलों में तेज़ी से वृद्धि हुई है। फर्जी नामों और नकली नंबरों के ज़रिए ठग आम यूज़र्स को निशाना बना रहे थे। ऐसे में नया Caller ID सिस्टम, यानी Calling Name Presentation (CNAP) सेवा, इस समस्या का स्थायी समाधान बन सकती है।

इस फीचर के ज़रिए हर कॉलर की असली पहचान सीधे यूज़र की स्क्रीन पर दिखाई देगी, जिससे अनजान या संदिग्ध कॉल का जवाब देने से पहले ही यूज़र सतर्क रह सकेगा। यह कदम न केवल डिजिटल सुरक्षा के लिहाज़ से एक बड़ा सुधार है, बल्कि यह भारत की टेलीकॉम ट्रांसपेरेंसी पॉलिसी को भी मज़बूती देता है। सरकार का उद्देश्य है कि हर नागरिक को कॉल रिसीव करने से पहले यह स्पष्ट जानकारी मिले कि कॉल वास्तव में किसके नाम से की जा रही है — जिससे ठगी और साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लग सके।

निष्कर्ष

Calling Name Presentation (CNAP) सेवा भारत में Truecaller का एक भरोसेमंद विकल्प बनकर उभर रही है। इस नए Caller ID सिस्टम के ज़रिए यूज़र्स को न सिर्फ सुरक्षा मिलेगी, बल्कि कॉलिंग में पूरी पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

ट्रायल के सफल होने के बाद आने वाले महीनों में यह सुविधा देशभर के सभी मोबाइल यूज़र्स के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि CNAP फीचर के लागू होने से स्पैम, स्कैम और फर्जी कॉलिंग जैसी परेशानियों में बड़ी कमी आएगी, जिससे मोबाइल यूज़र्स का अनुभव पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगा।

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