Google Chrome यूज़र्स के लिए जरूरी चेतावनी: तुरंत अपनाएं ये कदम

Google Chrome

भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने हाल ही में Google Chrome यूज़र्स के लिए चेतावनी जारी की है। एजेंसी के अनुसार, पुराने डेस्कटॉप वर्ज़न में एक गंभीर सुरक्षा खामी पाई गई है, जिससे रिमोट कोड एग्जिक्यूशन (RCE) का गंभीर खतरा है। इसका मतलब है कि कोई हैकर आपके कंप्यूटर पर दूर से मनमाना कोड चला सकता है, जिससे सिस्टम हैक होना, फाइल्स का नुकसान या संवेदनशील डाटा चोरी होना संभव है।

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इस खामी के चलते यूज़र्स को तुरंत अपने Chrome ब्राउज़र को लेटेस्ट वर्ज़न में अपडेट करने की सलाह दी गई है। समय रहते सुरक्षा पैच लगाने से आपके सिस्टम और व्यक्तिगत डाटा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

प्रभावित वर्ज़न कौन से हैं?

CERT-In और Google के अनुसार, यह गंभीर सुरक्षा खामी Google Chrome 141.0.7390.122/.123 और उससे पुराने डेस्कटॉप वर्ज़न को प्रभावित करती है।

  • Windows और macOS: 141.0.7390.122/.123 और पुराने वर्ज़न
  • Linux: 141.0.7390.122 और पुराने वर्ज़न

इस समस्या का समाधान करने के लिए Google ने 21 अक्टूबर 2025 को लेटेस्ट Stable Channel Update जारी किया है, जिसमें सभी जरूरी सिक्योरिटी पैच शामिल हैं।

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खामी का स्रोत — क्या वजह बनी ये जोखिमपूर्ण दिक़्कत?

CERT‑In के Vulnerability Note (CIVN‑2025‑0274) के मुताबिक यह गंभीर कमजोरी Google Chrome के V8 JavaScript इंजन की गलत इम्प्लीमेंटेशन से उत्पन्न हुई है। V8 वही कंपोनेंट है जो वेबपेज पर चलने वाले JavaScript को तेजी से प्रोसेस करता है — और अगर इस हिस्से में लॉजिक या मेमोरी हैंडलिंग में दिक्कत हो तो हमलावर उससे फायदा उठा सकते हैं।

विशेष रूप से, रचे‑बसे (crafted) वेब‑रिक्वेस्ट भेजकर अटैकर उस खराबी को ट्रिगर कर सकते हैं; इससे वे लक्ष्य मशीन पर दूर से कोड चला सकेंगे और यूज़र के सिस्टम को नुकसान पहुँचा सकते हैं — जैसे डेटा चोरी, रिमोट एक्सेस या सिस्टमैटिक व्यवधान।

नोट: इसलिए यह जरूरी है कि सभी यूज़र्स अपने ब्राउज़र को तुरंत अपडेट करें ताकि V8 से संबन्धित पैच लागू हो जाएँ और जोखिम कम हो।

संभावित नुकसान — क्यों है यह खामी खतरनाक?

यदि कोई हैकर इस Chrome खामी का सफलतापूर्वक फायदा उठाता है, तो वह यूज़र के सिस्टम पर मनमाना कोड चला सकता है। इससे होने वाले संभावित खतरे इस प्रकार हैं:

  • पूरा सिस्टम हैक होना और कंट्रोल खो जाना
  • संवेदनशील (सेंसिटिव) डेटा की चोरी या लीक होना
  • कंप्यूटर या ब्राउज़र से जुड़ी जरूरी सेवाओं का प्रभावित होना

इसलिए CERT‑In और Google दोनों ने सभी यूज़र्स और संस्थानों को तुरंत अपने Chrome ब्राउज़र को अपडेट करने की सलाह दी है। समय रहते अपडेट करने से इस गंभीर सुरक्षा खतरे से बचा जा सकता है।

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Chrome अपडेट कैसे करें?

अपने कंप्यूटर और डेटा को सुरक्षित रखने के लिए तुरंत लेटेस्ट Chrome वर्ज़न इंस्टॉल करना जरूरी है। इसके लिए नीचे दिए स्टेप्स फॉलो करें:

  1. Google Chrome ब्राउज़र खोलें।
  2. ऊपर राइट कॉर्नर में Help → About Google Chrome पर जाएँ।
  3. Chrome अपने आप अपडेट चेक करेगा। अगर नया वर्ज़न उपलब्ध है, तो उसे डाउनलोड और इंस्टॉल करें।
  4. भविष्य में सुरक्षा खामियों से बचने के लिए ऑटोमैटिक अपडेट्स इनेबल रखें।

इस तरह आप सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपका ब्राउज़र हमेशा सुरक्षित और अप‑टू‑डेट रहे।

निष्कर्ष

Google Chrome के पुराने वर्ज़न में पाई गई यह सुरक्षा खामी बेहद गंभीर है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

अपने ब्राउज़र को लेटेस्ट वर्ज़न में अपडेट करके आप न सिर्फ अपने सिस्टम को हैकिंग और डेटा चोरी से बचा सकते हैं, बल्कि भविष्य में आने वाली संभावित खामियों से भी सुरक्षित रह सकते हैं। नियमित अपडेट और ऑटोमैटिक पैचिंग अपनाना ही सबसे भरोसेमंद तरीका है अपने कंप्यूटर और निजी जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने का।

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